मुख्य हाइलाइट्स और विस्तृत विश्लेषण
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया, जो उनका नौवां लगातार बजट है। यह बजट ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार किया गया पहला बजट है और तीन मुख्य कर्तव्यों से प्रेरित है: आर्थिक विकास को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और समावेशी अवसर सुनिश्चित करना। बजट में विकास दर को 7% के आसपास बनाए रखने, फिस्कल डिसिप्लिन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि नॉन-डेब्ट रिसीट्स 36.5 लाख करोड़ रुपये हैं। आइए बजट की मुख्य विशेषताओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।
आर्थिक अनुमान और फिस्कल रोडमैप
- फिस्कल डेफिसिट: FY 2026-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी का 4.3% अनुमानित किया गया है, जो FY 2025-26 के रिवाइज्ड एस्टीमेट 4.4% से कम है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक डेब्ट-टू-जीडीपी रेशियो को 50 ± 1% तक लाना है, जो वर्तमान में 55.6% है।
- कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स): पब्लिक कैपेक्स को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो FY 2025-26 के 11.2 लाख करोड़ से 9% अधिक है। यह जीडीपी का 4.4% है, जो अब तक का सबसे अधिक है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
- टैक्स रिसीट्स: नेट टैक्स रिसीट्स 28.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जिसमें इनकम टैक्स से 14.66 लाख करोड़ और कॉर्पोरेशन टैक्स से 12.31 लाख करोड़ शामिल हैं।
- मार्केट बॉरोइंग: ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग 17.2 लाख करोड़ रुपये और नेट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।
- जीडीपी ग्रोथ: नामिनल जीडीपी ग्रोथ को 10% अनुमानित किया गया है, कुल जीडीपी 393 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
यह बजट वैश्विक जोखिमों जैसे अमेरिकी टैरिफ और ट्रेड वोलेटिलिटी के बीच फिस्कल प्रूडेंस पर जोर देता है, जो विदेशी निवेशकों के लिए ‘स्टेबिलिटी प्रीमियम’ प्रदान करेगा।
मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री पर फोकस
- स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स: 7 स्ट्रैटेजिक और फ्रंटियर सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग को स्केल अप करने का प्रस्ताव। लिगेसी इंडस्ट्रीज को रिजुवेनेट करने और चैंपियन MSMEs बनाने पर जोर।
- सेमीकंडक्टर: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च, जो इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर फोकस करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट 40,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया।
- रेयर अर्थ मैग्नेट्स: नई स्कीम लॉन्च, साथ ही ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर्स स्थापित करने का प्रस्ताव।
- बायोफार्मा: ‘बायोफार्मा शक्ति’ इनिशिएटिव के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन, जो 5 वर्षों में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा। 1,000 एक्रीडिटेड क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क बनाया जाएगा।
- केमिकल पार्क्स: क्लस्टर-बेस्ड प्लग-एंड-प्ले मॉडल से राज्यों में केमिकल पार्क्स स्थापित किए जाएंगे।
- MSMEs: 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड, जो MSMEs को फ्यूचर चैंपियंस बनाने में मदद करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
- हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स: 7 पर्यावरण-अनुकूल पैसेंजर रेल कॉरिडोर्स विकसित किए जाएंगे, जैसे मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, आदि। ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी लॉन्च होगा।
- सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER): हर CER के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन, 5 वर्षों में चैलेंज मोड से। टियर II और III शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।
- कोस्टल कार्गो प्रमोशन: इनलैंड वाटरवेज और कोस्टल शिपिंग का शेयर 2047 तक 6% से 12% बढ़ाने की स्कीम।
- नेशनल वाटरवेज: अगले 5 वर्षों में 20 नए नेशनल वाटरवेज ऑपरेशनलाइज किए जाएंगे, शुरूआत NW-5 से ओडिशा में।
- इन्विट्स और REITs: CPSEs के रियल एस्टेट एसेट्स के रिसाइक्लिंग के लिए डेडिकेटेड REITs सेटअप।
टैक्स और कस्टम्स रिलीफ्स
- इनकम टैक्स: कोई बदलाव नहीं, लेकिन नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा। ITR करेक्शन विंडो को दिसंबर 31 से मार्च 31 तक बढ़ाया गया। नॉन-ऑडिट केसेज के लिए ITR फाइलिंग डेडलाइन 31 अगस्त तक।
- STT: फ्यूचर्स पर STT 0.02% से 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% तक बढ़ाया गया।
- TCS: ओवरसीज टूर पैकेजेस पर TCS 2% तक घटाया गया। ओवरसीज एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर भी 2% TCS।
- कस्टम्स ड्यूटी: लिथियम-आयन सेल्स और क्रिटिकल मिनरल्स के कैपिटल गुड्स पर छूट। 17 दवाओं पर BCD छूट। पर्सनल यूज के द्युटीएबल गुड्स पर टैरिफ 20% से 10% घटाया।
- अन्य रिलीफ्स: कैटल फीड और कॉटन सीड पर प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसाइटीज को डिडक्शन। IT सर्विसेज के लिए सिंगल कैटेगरी सेफ हार्बर मार्जिन 15.5%।
सोशल और सेक्टरल इनिशिएटिव्स
- टूरिज्म: 20 टूरिस्ट साइट्स पर 10,000 गाइड्स को अपस्किलिंग।
- एजुकेशन: IITs का विस्तार, AI के लिए नया CoE। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल।
- स्पोर्ट्स: खेलो इंडिया मिशन को अगले दशक में ट्रांसफॉर्म करने का प्लान।
- हेल्थकेयर: अफोर्डेबल मेडिसिन्स और बायोटेक इनोवेशन पर फोकस।
- स्टेट्स को सपोर्ट: फाइनेंस कमीशन ग्रांट्स के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये।
यह बजट विकास, फिस्कल डिसिप्लिन और समावेशिता का संतुलन बनाता है, जो ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक मजबूत कदम है। हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं जैसे ममता बनर्जी ने इसे ‘सामान्य लोगों के लिए कुछ नहीं’ बताया है। कुल मिलाकर जानकारों का कहना है कि यह बजट इकोनॉमिक रिफॉर्म्स पर फोकस करता है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की ग्रोथ को सपोर्ट करेगा।
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